#70yearsofpartition: 'भारत के लिए बँटवारा आज़ादी की क़ीमत था'

बंटवारे की तस्वीर
मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती ने कहा था कि 'भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को भूलना मुश्किल है और याद रखना ख़तरनाक.'
उन्हीं के दौर की लेखिका अमृता प्रीतम ने बँटवारे को लेकर अपना दर्द एक नज़्म के ज़रिए बयां किया था.
इस नज़्म में उन्होंने पंजाब के महान कवि वारिस शाह को आवाज़ देकर अपनी तकलीफ़ बयां की थी. वारिस शाह ने ही हीर-रांझा की प्रेम कहानी लिखी थी.
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