नज़रिया: मर्दों के दिमाग़ में औरत सिर्फ़ शरीर है

प्रियंका गांधी
मर्द और मर्दिया नजरिया, स्‍त्री के दिमाग से बहुत खौफ़ज़दा रहते हैं. इसलिए वे उसे तुरंत महज शरीर और एक इस्‍तेमाल की जाने वाली चीज में समेट देते हैं.
उन्‍हें लगता है कि कामयाबी की सीढ़ी पर वे तो अपने बुद्धि बल पर चढ़े हैं.
दूसरी तरफ लड़कियां, अगर आगे बढ़ पाने में कामयाब हो गई हैं तो वे अपने 'स्‍त्री' होने की वजह से बढ़ी हैं.
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